Elixir

That little peck
On my left cheek
that you left,
the other day
With that brilliant red color,
speaks volumes,
of the crest and troughs
in your lips
And is currently framed,
and also encased
in both my heart and mind
And is kept next to my bedside table
The only thing,
that I want to see
when I wake up,
and the world has gone to hell
To bring me back to life..

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माद्दा

कभी कभी

जब कहीं हवा के ज़ोर से

किसी पेड़ की कच्ची टहनी

जब झुक जाती है

तो अक्सर लोग समझते हैं

की कमज़ोर है

बेचारी हवा की पीड़ा से नहीं पायी

पर भूल जाते हैं

कि जो टहनी बचपन में ही

झुकना सीख लेती है

वहीं अक्सर तूफानों से लड़ने का

माद्दा पैदा कर पाती है।।

इत्तेफ़ाक़न

या तो ये वक़्त ऐसा है

की जिधर में चल चला

इसने उधर ही मुझसे मुँह मोड़ लिया

या इत्तेफ़ाक़ शायद

पर क्या खता मेरी

की कुएँ तक आकर भी

बैरंग वापस हो लिए

न प्यास बुझी

न तिलमिलाहट

बस वक़्त बेवक़्त

समय को कोसना जैसे

आदत में शुमार हो गया

अजीब वक़्त था

अजीब वक़्त है।

अजीब इत्तेफ़ाक़ था

अजीब ईत्तेफ़ाक़ है।।

बेहद

रात की सुरमयी सी कालिख लिए

चांदनी जब आंखों पे आ टपकती है

तो याद बहुत तुम आते हो

तो याद बहुत तुम आते हो

सर्दी की ठिठुरन भी जब

रूह दबोच लेती है

तो याद बहुत तुम आते हो

तो याद बहुत तुम आते हो

बसंत की ठंडी पुरवाई जब

धरती पे छपक छपक कर गिरती झूमती बारिश की

भीनी भीनी खुशबू को संग लिए

सर्राटे सी बहती है

तो याद बहुत तुम आते हो

तो याद बहुत तुम आते हो

सुबह की पहली किरण भी जब

बेरौनक चौखट पर यूँ अचानक दस्तक देती है

तो सूनी अकेली मेरी बाहों को

याद बहुत तुम आते हो

तो याद बहुत तुम आते हो

लिखना न चाहूँ जिस तलक

पर जाने तुम कैसे पढ़ जाते हो

कैसे मेरे शब्दों का मर्म भी तुम

बस तुम ही समझ पाते हो

इसलिए शायद है ऐसा भी

जब जब मैं कुछ लिखता हूँ

तो याद बेहद तुम आते हो

तो याद बेहद तुम आते हो।।

The Dream

Did I tell you

What I want to do with you?

Me,

I want to wake up next to you

Watch over

As the sunlight moondances

On your illustrious sunny skin

I want to embrace you

In a way that you’ve never been embraced before

And then when you’re awake

I want to gently put your hair,

Ones that are desperately seeking

The embrace of your tender cheeks,

Back behind your earlobes

And come closer

Put my lips in front of your ears

And let you hear

As my breathe jumps up sharply

As your eyes lit up

And you pull me closer,

Closer than what I’ll ever be,

And I’ll then

Whisper sweet nothings

To get you started

On your day’s sojourn

Hoping that the next day

Would be even more beautiful

When you’re sleeping next to me

In my arms

Like there’s no pillow softer than that

That, my baby

That’s my dream..

That’s what I want to do to you..

Daydream

As I stood there

Gasping for a breathe

After that tiring hike

A look at those rustic indian roses

And some wild blooms

The color of pink and white

Arms in arms, together

Reminds me of you

And the wish I have

To lock you in a tight embrace

First break you

Into a thousand different pieces

To love you

Bit by bit

And then putting you together

To make us complete..

Oh! What a beautiful daydream..

नया इश्क़

कुछ महकती भी है

कुछ बहकती भी है

सुबह की बुलबुल की किलकारियों सी

ज़ेहन में हर लम्हा चहकती भी है

इतराती भी है

बलखाती भी है

शरारतों से मुझे कभी कभी

सताती भी है

सोचता हूँ कि कह दूं

कि इश्क़ है तुझसे

पर न जानें क्यों

डर सा लगता है

कहीं वो ये ना सोचे

कि लो

एक और मनचला आया है बाजार में

अपनी किस्मत आजमाने।।